GIRIDIH : “नम आंखों से सुदिव्य सोनू को अंतिम नमन, ब्राह्मण भोज में पहुंचे सुबोध कांत सहाय समेत कई जनप्रतिनिधि” * सुबोध कांत सहाय बोले—उनका जाना झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति*।

 GIRIDIH : “नम आंखों से सुदिव्य सोनू को अंतिम नमन, ब्राह्मण भोज में पहुंचे सुबोध कांत सहाय समेत कई जनप्रतिनिधि”

* सुबोध कांत सहाय बोले—उनका जाना झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति*। 

गिरिडीह, झारखंड।

झारखंड सरकार के पूर्व पर्यटन, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सहित महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू के श्राद्धकर्म एवं ब्राह्मण भोज के अवसर पर गुरुवार को बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक एवं जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। गिरिडीह में आयोजित इस कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह भावुक और गमगीन रहा।

इसी क्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ नेता सुबोध कांत सहाय भी ब्राह्मण भोज में शामिल हुए। उन्होंने स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

इस दौरान उनके साथ विधायक सुरेश बैठा, विधायक राजेश कच्छप सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू के व्यक्तित्व, जनसेवा और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

‘सुदिव्य सोनू का जाना झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति’

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन को झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू ने सार्वजनिक जीवन में रहते हुए जनहित और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया। उनका असमय चले जाना परिवार के साथ-साथ समाज और झारखंड के लिए भी गहरा आघात है।


सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद से ही राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। 6 सितंबर 2026 को उनके आकस्मिक निधन के बाद राज्य सरकार ने दो दिन का राजकीय शोक भी घोषित किया था।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब

द्वादश श्राद्धकर्म के अवसर पर गिरिडीह में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई मंत्री, विधायक, सांसद, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता और आम नागरिकों ने भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान शोकाकुल परिवार से मिलकर लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया।

सुदिव्य कुमार सोनू का राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन लंबे समय तक जनसरोकारों से जुड़ा रहा। उनके निधन के बाद लगातार आयोजित हो रही श्रद्धांजलि सभाओं में उनके सहयोगी, समर्थक और आम लोग उनके योगदान को याद कर रहे हैं।

गिरिडीह की धरती पर आज एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहां राजनीतिक मतभेद पीछे छूट गए और दिवंगत नेता के प्रति सम्मान एवं संवेदना सबसे ऊपर नजर आई। नम आंखों के बीच सभी ने स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति की कामना की।






By Madhu Sinha 

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