RANCHI#*देश में लोकतंत्र की जीत और बूरे मंसूबों की हार हुई है : झामुमो*
देश के किसानों का आन्दोलन जबर्दस्त रहा। बहुत सारे किसान शहीद हो गए। बहुतों को केंद्र सरकार द्वारा कुचल कर हत्या कर दिया गया। देश के सारे किसान सड़क पर उतर कर आन्दोलन करते रहे। क्या बच्चे क्या बूढे चाहे बारिश हो या कड़ाके की गर्मी हो या फिर कड़ाके की ठंढ, लोग सड़कों पर डटे रहे।
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष आदरणीय श्री हेमन्त सोरेन जी के आदेश पर झामुमो के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतर कर किसानों का समर्थन किया। आदरणीय श्री हेमन्त सोरेन जी के नेतृत्व में सदन में भी आन्दोलन किया गया। झामुमो सांसद माननीय श्री विजय हांसदा ने भी लोक सभा में अपनी आवाज को बुलंद किया और तीनों काले कृषि विधेयक के विरोध में मुखरता से आवाज उठाया। कारण आज विवश होकर केंद्र सरकार ने तीनों कृषि विधेयक को रद्द करने की घोषणा किया यानी उनकी गलत मंसुबे पर सब गुड़ गोबर हो गया और मजबूरन निरस्त करना पड़ा। देश में लोकतंत्र की जीत हुई है। जय जवान जय किसान। तमाम शहीद किसान अमर रहे।
झामुमो राँची जिलाध्यक्ष श्री मुशताक आलम एवं कार्यवाहक जिला सचिव डॉ हेमलाल कुमार मेहता हेमू ने आन्दोलन में शामिल तमाम किसानों, झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष आदरणीय श्री हेमन्त सोरेन, सांसद श्री विजय हांसदा, झामुमो के तमाम विधायकों, झामुमो के तमाम नेताओं एवं कार्यकर्ताओं सहित राँची जिला के सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को केंद्र की हत्यारी जनविरोधी सरकार की तीनों कृषि विधेयक को निरस्त करवाने पर हार्दिक बधाई दिया है एवं आन्दोलन में शहीद किसानों के प्रति शोक संवेदना जताते हुए केंद्र सरकार से मांग किया है कि शहीद के परिजनों को 10 -10 लाख मुआवजा एवं आश्रितों को नौकरी और हत्याआरोपियों को अविलम्ब फांसी की सजा दी जाए साथ ही सभी मृतक किसानों को शहीद का दर्जा दिया जाए।
By Madhu Sinha
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