RAMGARH : लक्ष्मी नारायण मंदिर में भागवत कथा के भक्ति रस में डूब रहे हैं श्रद्धालुगण ◆गोवर्धन की लीला अहंकार त्यागने और प्रकृति के प्रति सम्मान की प्रेरणा देती है : अजय कृष्ण शास्त्री

 RAMGARH : लक्ष्मी नारायण मंदिर में भागवत कथा के भक्ति रस में डूब रहे हैं श्रद्धालुगण

◆गोवर्धन की लीला अहंकार त्यागने और प्रकृति के प्रति सम्मान की प्रेरणा देती है : अजय कृष्ण शास्त्री 

गोला, रामगढ़, झारखंड  । 

चित्तरंजन सेवा सदन परिसर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन श्रद्धालुओं के बीच श्रद्धा, भक्ति देखने को मिली। सुबह में यजमान के रूप में मौजूद कुँवर कुमार बक्शी सपत्नी पूजा अर्चना की। साथ ही सेवा सदन की संचालिका वंदना अम्बष्ट भी पूजा में शामिल हुई। पुरोहित कृष्ण वल्लभ पाठक, भास्कर उपाध्याय, अमरेंद्र गुरु ने पूजा अर्चना करवाया। संध्या में भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला पर आधारित दिव्य कथा और मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा मंदिर परिसर "राधे-राधे", "जय श्रीकृष्ण", "जय कन्हैया लाल की मदन गोपाल की" और "गोवर्धनधारी लाल की जय" के उद्घोष से गुंजायमान रहा। वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री ने श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रसंगों का वर्णन करते हुए गोवर्धन लीला की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब देवराज इंद्र अपने अहंकार में चूर होकर ब्रजभूमि पर मूसलाधार वर्षा करने लगे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा अंगुली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर समस्त ब्रजवासियों, गौवंश एवं जीव-जंतुओं की रक्षा की। यह प्रसंग मानव जीवन को अहंकार त्यागने, प्रकृति के प्रति सम्मान रखने, गौसेवा करने तथा ईश्वर पर अटूट विश्वास बनाए रखने की प्रेरणा देता है। कथा के बीच में वृंदावन से पधारी भजन मंडली के धनंजय दास, मोहित कुमार एवं आकाश जी के भजनों प्रस्तुति पर पूरा कथा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। श्रद्धालु भजनों पर झूमते हुए श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर दिखाई दिए।


कार्यक्रम का आयोजन  चित्तरंजन सेवा सदन की संचालिका वंदना अम्बष्ट ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. अजित कुमार की प्रेरणा और संकल्प के अनुरूप क्षेत्र में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डॉ. अजित कुमार ने श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र के रूप में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर स्थापना के दस वर्ष पूर्ण होने वार्षिकोत्सव मनाया जा रहा है। इसे सफल बनाने में डॉ. अजित कुमार के परिवार के सदस्य कुँवर कुमार बक्सी, मधु बक्सी, अरुण कुमार बक्सी, सुजाता बक्सी, आकाश बक्शी सहित चित्तरंजन सेवा सदन के सभी सदस्य पूरे समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।






Report By Sujit Sinha (Gola, Ramgarh, Jharkhand) 

By Madhu Sinha

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