RANCHI#"बहादुराना किसान आंदोलन की जीत मोबारकबाद हो आपके साथ रांची के मुस्लिम समाज भी शामिल है" "कृषि क़ानून अभी झांकी है,सीएए-एनआरसी- यूएपीए बाकि है"

RANCHI#"बहादुराना किसान आंदोलन की जीत मोबारकबाद हो आपके साथ रांची के मुस्लिम समाज भी शामिल है"

"कृषि क़ानून अभी झांकी है,सीएए-एनआरसी- यूएपीए बाकि है"

बहादुराना-संघर्षशील-ऐतिहासिक किसान आंदोलन की जीत पर आज एकरा मस्ज़िद चौक(रतन टॉकीज़) पर रांची के मुस्लिम समाज ने मिठाई खिलाकर एक दूसरे को मोबारकबाद दी.

यह किसान आंदोलन दूसरा शाहीनबाग़ था जो हमें और देश के नागरिकों को प्रेरणा दे रहा था और आख़िरकार केंद्र सरकार को देर से ही सही मगर जनविरोधी तीनों कृषि क़ानून को वापस लेना पड़ा.

किसान आंदोलन 26 नवंबर को एक साल होने को हैं, जिसमें केंद्र सरकार एव बीजेपी शासित राज्यों के सरकारी जुल्मों को झेला, सांप्रदायिक-नस्लवाद-क्षेत्रवाद-देशद्रोही-आंदोलन जीवी-ख़लिस्तानी-अर्बन नक्सल जैसे गलियों को झेला,जाड़ा-गर्मी-बरसात को झेला और कई पहलुओं को झेला,किसान आंदोलन के मुद्दों पर जो खड़ा रहा जो वह भी क्या-क्या नही झेला..

 इस किसान आंदोलन में 750 से अधिक किसानों की शहादत के असर का नतीज़ा ऐतिहासिक-संघर्षों भरा जीत दर्ज़ किया और  सरकारों एव नागरिकों को भी एहसास करा गया.

यह ऐतिहासिक किसान आंदोलन आपने बहादुराना-संघर्षों की गाथा को समेटे हुए था जो आगे भी देश के नागरिकों को काले-सांप्रदायिक- जनविरोधी सीएए-एनआरसी-यूएपीए जैसे कानूनों को खत्मा करेगा.

कार्यक्रम में मौलाना डॉ ओबैदुल्लाह कासमी (एकरा मस्ज़िद/महासचिव, मजलिस-ए-उलेमा झारखंड)मुफ़्ती अब्दुल्लाह अज़हर कासमी (आज़ाद बस्ती/अध्यक्ष,मुस्लिम मजलिस-ए- उलेमा झारखंड),नदीम खान,अधिवक्ता इम्तियाज अशरफ़,इंजीनियर शाहनवाज़ अब्बास,मो बब्बर,मो आज़ाद,नौशाद आलम, अकरम राशिद,जमील अख़्तर,मो ज़ाहिद, इमरान रज़ा अंसारी,असफ़र खान,साज़िद उमर,परवेज़ उमर,मो सरफराज सुडु,फ़िरोज़ हैदरी,सरवर खान,मेराज़ अंसारी,मो फ़िरोज़ रेम्बो,नौशाद खान एव अन्य शामिल थे.

कार्यक्रम की एकजुटता में सर्वधर्म के प्रोफेसर हरबिंदर बीर सिंह(गुरुद्वारा प्रबंधन समिति, रांची),ज्योति सिंह मथारू(अध्यक्ष,सिख फेडरेशन झारखंड),अमरजीत सिंह(महासचिव, सिख फेडरेशन झारखंड),अनिल अंशुमान (AIPF),इंग्लिश पत्रकार अरविंद दास, सामाजिक चिंतक संजीव कुमार,रिसर्चर अंशुमान कुमार एव अन्य शामिल थे.


By Madhu Sinha

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