CHANDANKIYARI : किसानों की जमीन छिनने में गिद्धों की जैसी नजर लगाए बैठे हैं कारपोरेट: संयुक्त किसान मोर्चा ।

CHANDANKIYARI : किसानों की जमीन छिनने में गिद्धों की जैसी नजर लगाए बैठे हैं कारपोरेट: संयुक्त किसान मोर्चा । 


चन्दनकियारी, बोकारो, झारखंड  ।

भारत-अमेरिका के बीच कृषि व्यापार समझौता, चास-चन्दनकियारी में व्यापक त्रुटिपुर्ण नई सर्वे सेटेलमेंट रद्द करने जैसे किसानों की बुनियादी सवालों को लेकर बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने धर्मशाला मोड़, चास से जिला मुख्यालय बोकारो तक आक्रोश प्रदर्शन जुलूस निकाल कर  हरिपद महतो, डीसी गोहाई, विश्वनाथ बनर्जी, नुनी वाला उरांव, रेखा महतो सहित पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त बोकारो को 20 सुत्र मांग पत्र ज्ञापन सौंपा ।

वहीं ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के राज्य सचिव कुमुद महतो ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आधिकारिक घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गत 6 फरवरी, 2026 को की थी।  दोनों देशों के बीच कई दौर के वार्ताओं के बाद समझौता अब अंतिम रूप लेने जा रहा है। और इस जुलाई में इस पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।  समझौते में कही गयी भारत सरकार सभी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों के आयात पर तमाम शुल्क समाप्त कर देगी या काफी कम कर देगी,और अमेरिका में उत्पादित खाद्यान्नों और कृषि उत्पादों के एक बड़े हिस्से पर आयात शुल्क पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा या काफी कम कर दिया जाएगा। जिसे कृषि उत्पादों में गेहूं, चावल, जौ आदि अनाज की खल/खली विभिन्न दालें, मक्का, लाल ज्वार, सोयाबीन व सोयाबीन का तेल, सूखा पशु चारा, डेयरी उत्पाद, सेब आदि ताजा फल, डिब्बा-बन्द फल, बादाम, अखरोट, पिस्ता आदि सूखे मेवे, कपास, पोल्ट्री आदि चीजें शामिल हैं।

 वहीं किसान सभा के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ बनर्जी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार जन विरोधी विद्युत संशोधन विधेयक  लाकर 

बिजली क्षेत्र का निजीकरण कर किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ा दी। बिजली क्षेत्र का निजीकरण , प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाकर आटोमेटिक रिडिंग होने से बेतहाशा बिजली बिल उपभोक्ताओं की एक बड़ी बोझ बन गई है। साथ साथ स्टॉप टाइम ऑफ डे टैरिफ से बिजली उपभोक्ताओं को बिजली उपभोग करना एक सपना बन जाएगी। जिसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पुर्व मुखिया सह बोकारो जिला मुखिया संघ के नेतृत्वकर्ता रेखा महतो सरकार से निशाना साधते हुए कही कि देश आजाद के लिए महिलाओं ने अग्रिणी भूमिका निभाई, आजादी के 79 वें साल में देश गुजर रही है. लेकिन हम महिलाएं आजाद नहीं हुए हैं। छाती में पत्थर लेकर सांस लेने जैसी आज भी जिने के लिए विवस हो रही है। महिला जन्म नहीं लेती पितृसत्तात्मक भारत में महिला बनाई जाती है। हम महिलाएं घर की झाड़ू,पौंछा बच्चे की देखभाल ही मुख्य कार्य बनी हुई है। भयावाह समाज में अगर हम महिलाएं इक्का-दुक्का बाहर निकलती है तो क्या क्या घटनाएं व हिंसा होती है। पड़ोस से लेकर पुरे देश परिचित है.श। सरकार से मांग है। कि महिलाओं को आजादी का हिस्सा दी जाय। उन्होंने आगे कही कि महिलाओं की प्रताड़ना व निर्गमन हत्या तथा असमानता करने की लगातार नई-नई रचना  रची जा रही है। सिर्फ व सिर्फ चुनाव के समय नेताओं की संबोधन में समानता, नारी सशक्तिकरण, भय मुक्त समाज बानाने की सुनते तथा नेताओं की घोषणा पत्र पढ़ते हैं। बाकी समय हम महिलाएं हजारों साल पहले की जीवन जिने पर विवशता बनी हुई है। सरकार हमारी मांगों को साकारात्मक पहल नहीं करती है। तो चरणवद्ध तरिके से आन्दोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

वहीं नुनी वाला उरांव कही कि हाल के कुछ वर्षों में झारखंड समेत देशभर में महिला हिंसा, दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न जैसी घटनाओं में इजाफा हुआ है। उन्होंने कही कि सरकार की पहली प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा दी जाय।

वहीं गीता शर्मा ने कही कि  कि शराब के सेवन को बुराई से ज़्यादा एक बीमारी के रूप है.भारत की स्वतंत्रता के बाद से ही शराब बंदी के लिये प्रयास है। लेकिन गांव, राज्य और देश के पुंजिवादी शक्तियों ने समाज के अंतिम व्यक्तियों को मुख्य धारा से वंचित रखने के लिए। नई नई रचनाएं रचकर नशा की गुणवत्ता दिखाकर नशा के प्रति लिन करने के लिए बढ़वा से हम महिलाएं शिकार बनते जा रहे हैं। जिसे रोकने के लिए राज्य में शराब बन्द की जाय।

वहीं संयुक्त किसान मोर्चा चन्दनकियारी के संयोजक जगन्नाथ रजवार ने कहा कि चास-चन्दनकियारी के नये सर्वे सेटेलमेंट की खतियान में चौहद्दी के जगह पर दोहद्दी अंकित है, तो कहीं खतियान में अंकित रकवा से कम रकवा की नक्शा बना है, छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम को ताक पर रखकर रैयतों की मूल जाति से गढ़मात जैसे विभिन्न तरह से रैयतों की मूल जाति को विलुप्त किया गया है। व्यापक त्रुटिपुर्ण की पुष्टि करते हुए। बन्दोबस्त पदाधिकारी, धनबाद ने 7 अप्रैल 2021 को आयुक्त उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग को एक ज्ञापांक के माध्यम से त्रुटियां निराकरण के लिए अवगत कराया। लेकिन निराकरण के बजाय कागजी में सिमट कर रह गई। और राजनीतिक दलों के नेताओं की एक चुनावी घोषणापत्र ही रह गई। किसान रैयतों की एक ज्वलंत समस्याओं पर सरकार गंभीर नहीं है। सर्वे सेटेलमेंट की आश्वासन सिर्फ सपना बनी रही, निवर्तमान सरकार से एक उम्मीद थी। लेकिन स्थानीय निवर्तमान विधायक ने विधानसभा सदन में ऐसी ज्वलंत समस्याओं को तत्काल रद्द करने की बजाय न्यायालय में दायर मुकदमें की त्वरित निष्पादन करने जैसे भटकाव जैसे सवालों से चास-चन्दनकियारी क्षेत्र को भविष्य में रणभूमि बानाने की एक बड़ी साजिश रची जा रही है.मौके पर डॉ. गोपाल महतो, खगेन हॉसदा, बीरबल राय, बासुदेव गोप, महादेव शर्मा, झारु रजवार, राम लाल महतो, धिरेन महतो, शान्ति राम रजवार, अशोक महतो, बासुदेव महतो, राकेश कुमार महतो, अंकित कुम्भकार, राजु टुडू, ज्योति लाल महतो, राजु रजवार, हाबु लाल महतो, कमल प्रसाद महतो, विन्देश्वर महतो, लखण महतो, गया राम शर्मा, नागेश्वर महतो, मोहन चौधरी, आर एस शर्मा, संजीत कर्म, विनोद कुमार सिंह, दिपक कुमार चट्टोपाध्याय, लखण महतो, इन्द्रजीत महतो, अनिता देवी, लक्खी देवी, उर्मिला देवी, बेला देवी, पुतुला देवी, संयोती देवी,शाहिल साईं, इसुफ अंसारी, जितु महतो आदि शामिल रहे।





Report By Mahendra Mahato ( Chandankiyari, Bokaro, Jharkhand) 

By Madhu Sinha

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