BOKARO : *विश्व युवा कौशल दिवस: ईएसएल स्टील युवाओं को दे रहा है कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई पहचान*
*बोकारो, झारखंड*
विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (VISL) की सब्सिडियरी कंपनी-ईएसएल स्टील लिमिटेड ने कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, उद्यमिता और खेलों के माध्यम से भविष्य के लिए सक्षम कार्यबल तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
इस वर्ष विश्व युवा कौशल दिवस की थीम “साझा भविष्य के लिए कौशल (Skills for a Shared Future)” के अनुरूप कंपनी की सामुदायिक विकास पहलों ने अब तक 1 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य को साकार करने में कुशल युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है. इसी सोच के साथ ईएसएल स्टील युवाओं को तकनीकी, व्यावसायिक और डिजिटल कौशल से सशक्त बना रहा है, ताकि वे बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें.
बोकारो स्थित वेदांता ईएसएल स्किल स्कूल इस दिशा में कंपनी की प्रमुख पहल है. यहां युवाओं को सोलर पीवी इंस्टॉलेशन और होम अप्लायंस रिपेयर जैसे उद्योगों की मांग के अनुरूप आवासीय एवं रोजगार-आधारित प्रशिक्षण दिया जाता है. वर्ष 2022 में स्थापना के बाद से अब तक 700 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 400 से अधिक युवाओं को संगठित क्षेत्र में रोजगार मिल चुका है.
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ईएसएल स्टील ने प्रोजेक्ट AAS विद्यालय के तहत डिजिटल लर्निंग कैफे स्थापित किए हैं. इन केंद्रों के माध्यम से झारखंड के ग्रामीण छात्रों और युवाओं को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता और शैक्षणिक प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
इस अवसर पर *ईएसएल स्टील लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक रवीश शर्मा ने* कहा, “ईएसएल स्टील का मानना है कि लोगों के विकास में किया गया निवेश सबसे महत्वपूर्ण निवेश होता है. वेदांता ईएसएल स्किल स्कूल, डिजिटल लर्निंग सेंटर और खेल विकास जैसी पहलों के माध्यम से हम युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक कौशल, आत्मविश्वास और अवसर उपलब्ध करा रहे हैं. शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के जरिए युवाओं को सशक्त बनाना तथा समुदायों के समावेशी और सतत विकास में योगदान देना हमारी प्राथमिकता है.”*
खेलों के क्षेत्र में भी ईएसएल स्टील लगातार युवाओं को प्रोत्साहित कर रहा है. वेदांता ईएसएल तीरंदाजी अकादमी के माध्यम से अब तक 50 से अधिक युवा तीरंदाजों को प्रशिक्षण दिया गया है. अकादमी के खिलाड़ियों ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 200 से अधिक पदक अपने नाम किए हैं. इसके अलावा कंपनी की ग्रामीण खेल पहलों से आसपास के गांवों के 400 से अधिक युवाओं को लाभ मिला है.
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी ईएसएल स्टील लगातार कार्य कर रहा है. प्रोजेक्ट जीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है तथा महिलाओं को सिलाई, मशरूम उत्पादन और अन्य आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहयोग दिया जा रहा है.
कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, खेल और आजीविका संवर्धन की इन पहलों के माध्यम से ईएसएल स्टील युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित कर रहा है. कंपनी का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, सक्षम और सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देना है. ईएसएल स्टील की ये पहलें विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं.
By Madhu Sinha





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