CHANDANKIYARI : मंगलम कोलफिल्ढ प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी, आमलबाद कोलियारी के प्रबंधन की पार्दर्शिता के सवाल पर गेट जाम कर प्रदर्शन कर सौंपा मांग पत्र।
चंदनकियारी, बोकारो, झारखंड ।चन्दनकियारी प्रखण्ड के मंगलम कोलफिल्ढ प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी, अमलाबाद कोलियारी के प्रबन्धन की वादा खिलाफी व सरकार की स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी रोजगार गारंटी समेत छ: सूत्री मांगों को लेकर बिहार कोल माइनर्स यूनियन के बेनर तले मंगलवार को मंगलम कोलफिल्ड प्राइवेट लिमिटेड को अमलाबाद कोलियरी गेट जाम कर पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रबन्धन को माॉंग पत्र सौंपा अध्यक्षता अमलाबाद पंचायत के पूर्व मुखिया संजीत रजवार संचालन सेवा निवृत्त शिक्षक मोतीलाल रजवार ने किया।वहीं यूनियन के सचिव अनिल बाउरी ने कहा कि प्रबंधन के माध्यम से बीसीसीएल भौंरा क्षेत्र के महाप्रबंधक को कई बार मांग पत्र सौंपी गई है। लेकिन समय बितते चला लेकिन प्रबन्धन जनता के भावनाओं के साथ साकारात्मक पहल नहीं की। और न ही झारखण्ड सरकार के गाईड लाईन के तहत 75 प्रतिशत स्थानीय को नियोजन दी है ,
वहीं किसान नेता राजु रजवार ने कहा कि मंगलम कोलफील्ड प्राइवेट लिमिटेड व बीसीसीएल के पदाधिकारियों ने 2024 को अमलाबाद कोलियरी का दौरा कर कोलियरी के चानक व कार्यालय का भी निरीक्षण किया. ग्रामीणों के साथ संवाद कर सहयोग की अपील की. कंपनी के निदेशक यथेस गर्ग व प्रखर गर्ग ने ग्रामीणों को असस्वत किया। कि एक लम्बे समय से कोलियरी बंद थी, जिसे जल्द चालू कराया जायेगा. फिलहाल कोलियरी की साफ-सफाई कर रिपेयरिंग समेत अन्य काम किया जायेगा. ग्रामीणों का सहयोग रहा, तो एक वर्ष के अंदर उत्पादन शुरू हो जायेगा. इसके चालू होने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लोगों को रोजगार मिलेगा. ग्रामीणों ने अपार संभावनाओं के साथ सहयोग किया। किन्तु दो साल बितते चला लेकिन कंपनी के अधिन एक भी ग्रामीणों को रोजगार गारंटी नहीं हुई।समय रहते ही प्रबन्धन अपनी व्यवस्था को नहीं सुधारी तो लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आन्दोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
वहीं किसान नेता जगन्नाथ रजवार ने अपने सम्बोधन में कहा कि अमलाबाद कोलियरी बीसीसीएल की उन चुनिंदा कोलियरियों में से एक है, जहां कोकिंग कोल का उत्पादन होता था। यहां कोकिंग कोल का अपार भंडार है। अन्य कोलियरियों की तुलना में अमलाबाद कोलियरी के उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की कीमत दोगुनी होती थी। बीसीसीएल के अधिकारियों ने यहां से कोयला उत्खनन तो किया, लेकिन कभी भी इसके विकास की ओर ध्यान नहीं दिया। उसी के तर्ज में प्रबन्धन काम करना चाहती है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।श्री रजवार ने सरकार व सरकार के विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोलियारी का राष्ट्रीयकरण: 19 अक्टूबर 1971 होने से चन्दनकियारी का सिर्फ व सिर्फ कागजी में आर्थिक पिछड़ापन का नाम हटा लेकिन 29 फरवरी 2008 को कोलियारी बन्द कर बैरोजगारों की फौज खड़ा करनें में सफल रही। प्रबंधन 9 मई 2024 को इसे पुनः उद्घाटन कर ग्रामीण बोरोजगारों को रोजगार के नाम पर ललकार रही। ये कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। मौके पर रामलाल महतो, ज्योति लाल महतो, नीमाई बाउरी, संजय कालिंदी, मुकेश बाउरी, निमाई रजवार, जितेन्द्र बाउरी, रमेश रजवार, मागाराम रजवार, दिनबंधु शेखर, वंशीधर महतो, बसंत शेखर, रहिम अंसारी, रंजीत यादव, तपन प्रमाणिक, उमा गोराई,मो. इब्राहीम अंसारी, अब्दुल हक, संतोष रजवार, शिव शंकर पासवान,अनिता बाउरी, मालती देवी, मुन्नी खातुन, लक्ष्मी देवी, कमला देवी, सावित्री देवी, फुचु कुमारी विजय सिंह, अभिषेक राय, गीता देवी, उपासी देवी, शान्ति देवी आदि शामिल रहे।
Report By Mahendra Mahato (Chandankiyari, Bokaro, Jharkhand)
By Madhu Sinha

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