ESL Steel : नई दिशा में आगे बढ़ता ईएसएल स्टील : गुणवत्ता, भरोसा और स्थिरता पर फोकस !

ESL Steel : नई दिशा में आगे बढ़ता ईएसएल स्टील : गुणवत्ता, भरोसा और स्थिरता पर फोकस ! 

भारत का इस्पात उद्योग एक संरचनात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बुनियादी ढांचे के विस्तार, कड़े होते ESG मानकों और ग्राहकों की बढ़ती गुणवत्ता अपेक्षाओं के बीच अब कंपनियों का मूल्यांकन केवल उत्पादन क्षमता और लागत दक्षता से नहीं, बल्कि उनके ब्रांड, स्थिरता प्रतिबद्धता और संगठनात्मक संस्कृति से भी किया जा रहा है।

इसी बदलते परिदृश्य में ईएसएल स्टील लिमिटेड ने विकास की अपनी रणनीति को नए सिरे से परिभाषित किया है, जहाँ विपणन नेतृत्व, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और मानव पूंजी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त के प्रमुख स्तंभ बनकर उभरे हैं।

रणनीतिक उपकरण के रूप में मार्केटिंग:

12वें वर्ल्ड मार्केटिंग कांग्रेस में कंपनी के मुख्य विपणन अधिकारी श्री आशीष पाटनी को “Fabulous Marketer” सम्मान से नवाज़ा गया। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि इस संकेत का प्रतीक है कि इस्पात जैसे पारंपरिक कमोडिटी-आधारित उद्योग में भी ब्रांड और ग्राहक संवाद की भूमिका अब निर्णायक हो चुकी है।


केबल एंड वायर फेयर 2025 में ईएसएल स्टील ने ऑटोमेशन, नवाचार और स्थिरता को अपने प्रदर्शन का केंद्र बनाया। विशेष अनुप्रयोगों जैसे वायर और केबल सेगमेंट में बढ़ती गुणवत्ता अपेक्षाओं के बीच कंपनी ने स्पष्ट किया कि भविष्य की प्रतिस्पर्धा केवल उत्पादन से नहीं, बल्कि विश्वसनीय ब्रांड पहचान से तय होगी।

ESG: बाजार की नई मुद्रा:

आज ESG प्रकटीकरण निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए निर्णय का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। ऐसे समय में ईएसएल के प्रमुख उत्पाद V-XEGA TMT बार्स को CII GreenPro Ecolabel प्रमाणन मिलना कंपनी को हरित निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में सशक्त स्थान प्रदान करता है।

रियल एस्टेट और अवसंरचना क्षेत्र के डेवलपर्स अब प्रमाणित और टिकाऊ उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस संदर्भ में ईएसएल की स्थिरता-आधारित रणनीति उसे बाजार में दीर्घकालिक विश्वसनीयता प्रदान करती है।


ईएसएल स्टील लिमिटेड के डिप्टी सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री रवीश शर्मा ने कहा,

“आज इस्पात कंपनियों का मूल्यांकन केवल उत्पादन और मार्जिन से नहीं, बल्कि स्थिरता संरेखण और दीर्घकालिक मूल्य सृजन से किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य उत्पाद गुणवत्ता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और संगठनात्मक सुदृढ़ता को एकीकृत विकास रणनीति में परिवर्तित करना है।”

B2B विश्वसनीयता को मजबूती:

‘निर्माण: बिल्डिंग बियॉन्ड स्ट्रक्चर्स’ कार्यक्रम (Godrej Properties द्वारा आयोजित) में “Best Supplier Steel” सम्मान ईएसएल की आपूर्ति विश्वसनीयता और समयबद्ध निष्पादन क्षमता का प्रमाण है।

आज के तेज़-तर्रार प्रोजेक्ट चक्र में सप्लाई की निरंतरता सीधे परियोजना जोखिम को प्रभावित करती है। इस दृष्टि से विक्रेता प्रदर्शन अब लेन-देन नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी का विषय बन गया है।

गुणवत्ता और नवाचार के क्षेत्र में भी कंपनी को उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल:

CCQC Awards (33rd Edition) में गुणवत्ता उत्कृष्टता और क्रॉस-फंक्शनल सहयोग के लिए सम्मान

39वें National Convention on Quality Concepts (NCQC) में Excellence Award, जहाँ कंपनी की तीनों टीमों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली

ये उपलब्धियाँ संगठन के भीतर सतत सुधार और जमीनी स्तर पर नवाचार संस्कृति को दर्शाती हैं।


मानव पूंजी: उत्पादकता का गुणक:

भारी विनिर्माण क्षेत्र में कार्यबल की स्थिरता और संलग्नता सीधे परिचालन दक्षता को प्रभावित करती है। ईएसएल स्टील को Great Place To Work–India द्वारा भारत के Top 50 Best Workplaces in Manufacturing 2026 (Large Category) में स्थान मिलना इस बात का प्रमाण है कि कंपनी ने विश्वास, संस्कृति और कर्मचारी कल्याण में संरचित निवेश किया है। 360 से अधिक संगठनों के बीच यह मान्यता विशेष महत्व रखती है।

इसके अतिरिक्त, कंपनी को लगातार दूसरे वर्ष Happiness & Well-Being Award 2025 भी प्राप्त हुआ, जो कर्मचारी संतुष्टि और सकारात्मक कार्य वातावरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महिला नेतृत्व और विविधता को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी कंपनी सक्रिय है। सुश्री लावण्या को “Gender Diversity Icon” के रूप में मिली पहचान इस्पात जैसे कोर विनिर्माण क्षेत्र में समावेशन के बढ़ते महत्व को रेखांकित करती है।

इस्पात उद्योग की बदलती कहानी:

भारत आने वाले वर्षों में इस्पात क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार का लक्ष्य रखता है। जैसे-जैसे क्षमता बढ़ेगी, प्रतिस्पर्धा और तीव्र होगी। ऐसे में केवल उत्पादन पैमाना पर्याप्त नहीं होगा—ESG अनुपालन, सप्लाई चेन विश्वसनीयता, ब्रांड साख और संगठनात्मक दक्षता निर्णायक भूमिका निभाएँगे।

ईएसएल स्टील की हालिया उपलब्धियाँ इस बात का संकेत देती हैं कि कंपनी ने पैमाना-केंद्रित विकास से आगे बढ़कर बहुआयामी प्रतिस्पर्धा की दिशा में कदम बढ़ाया है।

एक ऐसा उद्योग, जिसे कभी केवल भट्टियों और बैलेंस शीट से परिभाषित किया जाता था, अब स्थिरता सूचकांकों, ग्राहक विश्वास और कर्मचारी सहभागिता से अपनी नई पहचान गढ़ रहा है…और ईएसएल स्टील इस परिवर्तन का सक्रिय भागीदार बनकर उभर रहा है।





By Madhu Sinha

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