RANCHI: लोकतंत्र का ढोंग करने वाली कांग्रेस एक परिवार की प्राइवेट लिमिटेड कंपनी: अजय साह ।
“मनरेगा में भ्रष्टाचार करने वाली कांग्रेस हेमंत सरकार के ख़िलाफ़ पहले करे प्रदर्शन”- भाजपा ।
रांची, झारखंड ।
कांग्रेस के स्थापना दिवस पर भाजपा ने उसके लोकतंत्र-विरोधी इतिहास को तथ्यों के साथ उजागर किया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि के. राजू का यह बयान पूरी तरह सही है कि कांग्रेस की नीतियों, सिद्धांतों और कार्यशैली के बारे में देश की जनता को सच जानना चाहिए। लोकतंत्र बचाने का दिखावा करने वाली कांग्रेस आज एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक परिवार-केंद्रित संगठन बनकर रह गई है, जहां निर्णय संगठन या जनता नहीं, बल्कि एक ही परिवार के इर्द-गिर्द तय होते हैं।
अजय साह ने कहा कि कांग्रेस ने बार-बार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया है। 1975 की आपातकाल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जब प्रेस की आज़ादी खत्म कर दी गई, विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया और संविधान को 42वें संशोधन के जरिए बंधक बना लिया गया। यह वही कांग्रेस है जिसने सत्ता बचाने के लिए मौलिक अधिकार तक निलंबित कर दिए थे। आज वही पार्टी संविधान बचाने की दुहाई दे रही है, जो इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अपराध है।
उन्होंने कहा कि जनता को यह भी जानने का हक है कि किस तरह कांग्रेस ने एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह काम करते हुए नेशनल हेराल्ड की हजारों करोड़ रुपये की संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लिया। इसके अलावा कांग्रेस ने दशकों तक अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग कर चुनी हुई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया, जिससे संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकारों को गहरी चोट पहुंची।
अजय साह ने आगे कहा कि 5 जनवरी को मनरेगा कानून में बदलाव के विरोध की बात करने वाली कांग्रेस को पहले झारखंड की हेमंत सरकार के खिलाफ राज्य सचिवालय के सामने प्रदर्शन करना चाहिए। यही वह सरकार है जिसने मनरेगा घोटाले में जेल जा चुकी एक आईएएस अधिकारी को दोबारा सरकार में शामिल किया। कांग्रेस शासन में मनरेगा भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड और बिचौलियों का अड्डा बन गई थी, जहां गरीब श्रमिक केवल नाम के लाभार्थी रह गए थे।
भाजपा सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), आधार आधारित सत्यापन और तकनीक के माध्यम से मजदूरी सीधे श्रमिकों के खातों में पहुंचाकर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की। यह सुधार श्रमिकों के अधिकार छीनने का नहीं, बल्कि उनके सम्मान, आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने का कदम है। साथ ही सड़क, बिजली, आवास और स्वरोजगार के जरिए गांवों को सशक्त किया गया है।
अंत में अजय साह ने कहा कि श्रीराम के आदर्श सुशासन, न्याय और लोककल्याण के मार्ग पर चलकर ही विकसित भारत का सपना पूरा होगा, और मनरेगा का नया प्रारूप उसी बदलाव की तस्वीर है।
By Madhu Sinha


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