CHANDANKIYARI : इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से लिखाऐंगे शहीद लिलु,हिरु,पटल बाउरी की जीवन गाथा: जगन्नाथ ।
चन्दनकियारी, बोकारो, झारखंड ।
शहीद लिलु, हिरु, पटल बाउरी स्मारक समिति,जयतड़ा चास कि और से रविवार को शहीद लिलु, हिरु, पटल बाउरी की 48 वीं शहादत दिवस पर जयतड़ा में स्थपित मुर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
वहीं किसान नेता सह चन्दनकियारी के पुर्व प्रत्याशी जगन्नाथ रजवार ने कहा कि शहीद लिलु, हिरु, पटल बाउरी गरीब, शोषित, पीड़ितों के मसीहा थे। झारखण्ड अलग राज्य आन्दोलन को इस क्षेत्र से एक उग्र नेतृत्व देने वाले में से सच्चे सपूत थे। उन्होंने शोषण,अत्याचार और जुल्म के खिलाफ उग्र आवाज उठाने वाले में से थे। झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में उनकी आवाजों को दबाने के लिए। प्रशासनिक प्रभाग घात लगाए रहते थे। घात की अवसर व सरकार की दबाव सफल करने की नियत से झारखण्ड अलग राज्य की मांगों को लेकर 1 नवम्बर 1978 के आन्दोलन से खोप में आकर शहीद लिलु, हिरु,पटल बाउरी पुलिसिया जुल्म की शिकार बने। झारखण्ड निर्माण में उनकी बलिदानी ऐतिहासिक है. उनके विचारों का आत्मसात कर शहीदों के सपने की झारखण्ड राज्य गढ़ने व इतिहास की पन्नों में शहीद लिलु, हिरु, पटल बाउरी की जीवन गाथा की स्वर्ण अक्षरों से लिखवाने की संकल्प लेने की जरूरत है। मौके पर जेएलकेएम नेता अशोक महतो, विजय बाउरी, अंकित कुम्भकार, बाटुल प्रमाणिक,पवन गोरांईं, हरे कृष्ण बाउरी, इन्तयाज अंसारी, जितु बाउरी आदि शामिल रहे।
Report By Mahendra Mahato ( Chandankiyari, Bokaro, Jharkhand)
By Madhu Sinha

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