New Delhi : वेदांता के अनिल अग्रवाल ने ‘Vividh Verse’ मैगज़ीन की घोषणा की, जो भारत की संस्कृति, विचारों और विविधता का उत्सव मनाती है.

New Delhi : वेदांता के अनिल अग्रवाल ने ‘Vividh Verse’ मैगज़ीन की घोषणा की, जो भारत की संस्कृति, विचारों और विविधता का उत्सव मनाती है.


*नई दिल्ली*

 वेदांता के चेयरमैन Anil Agarwal ने X पर एक पोस्ट साझा करते हुए Vividh Verse नामक एक नई मैगज़ीन के लॉन्च की घोषणा की है. यह मैगज़ीन एक ऐसे मंच के रूप में परिकल्पित की गई है, जो भारत और दुनिया के विविध रंगों, संस्कृतियों, विचारों और आवाज़ों को एक साथ लाती है.

पोस्ट में अग्रवाल ने Vividh Verse को लंबे समय से संजोया गया एक सपना बताया. एक ऐसा प्रकाशन जो समृद्ध इतिहास का उत्सव मनाने के साथ-साथ भविष्य से जुड़े विचारों के लिए भी स्थान तैयार करता है. उन्होंने मैगज़ीन के व्यापक दायरे का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें भोजन, संस्कृति, संवाद, व्यक्तित्व, स्वाद और भविष्य को आकार देने वाले नए विचारों को शामिल किया गया है.

इसे विविधता और विचारों का प्रतिबिंब बताते हुए अग्रवाल ने कहा कि यह मैगज़ीन ऐसे विषयों पर सार्थक संवाद स्थापित करने का प्रयास करती है, जो लोगों को प्रेरित करें, जानकारी दें और साझा कहानियों एवं दृष्टिकोणों के माध्यम से जोड़ें 


*पोस्ट में उन्होंने लिखा:*

“वर्षों से मेरी इच्छा थी कि वेदांता कुछ ऐसा बनाए जो देश और दुनिया के विविध रंगों को एक साथ लाए.

एक ऐसी मैगज़ीन जो हमारी समृद्ध विरासत का उत्सव मनाए और साथ ही भविष्य के विचारों के लिए भी स्थान बनाए. भोजन भी और विचारों का भोजन भी.

तो लीजिए… स्वाद, संवाद, संस्कृति, व्यक्तित्व और भविष्य की बातों को समेटे हुए ‘Vividh Verse’ आ चुकी है. पढ़िए और अपने विचार साझा कीजिए.”

तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया के बीच, Vividh Verse प्रिंट माध्यम में एक दुर्लभ ठहराव प्रस्तुत करती है. एक ऐसा स्थान जहाँ विचार साँस लेते हैं, कहानियाँ प्रेरित करती हैं और भारत की अनेक दुनिया एवं दृष्टिकोण एक साथ आते हैं। इसे प्रिंट और डिजिटल दोनों स्वरूपों में उपलब्ध एक विशिष्ट और अनूठे स्टोरीटेलिंग कलेक्टिबल के रूप में तैयार किया गया है। इसका प्रत्येक अंक भारत के हृदयस्थलों, कक्षाओं, फैक्ट्री फ्लोर, स्टार्ट-अप्स और सांस्कृतिक गलियारों से आने वाली आवाज़ों की एक बुनावट है, जो देश की शाश्वत परंपराओं और साहसी आकांक्षाओं दोनों को प्रतिबिंबित करती है. यह कलाकारों, उद्यमियों, नीति निर्माताओं, नवाचारकर्ताओं और परिवर्तनकर्ताओं के विचारों को एक मंच पर लाती है, जो आधुनिक भारत को आकार दे रहे हैं.

एक प्रीमियम, द्विभाषी और कलेक्टिबल मैगज़ीन के रूप में डिज़ाइन की गई Vividh Verse संस्कृति, सार्वजनिक नीति, उद्यमिता, खेल, ग्रामीण भारत, प्रौद्योगिकी, वेलनेस और उभरते विचारों से जुड़ी सावधानीपूर्वक चुनी गई कहानियों और लेखों को प्रस्तुत करती है। प्रिंट और डिजिटल दोनों प्रारूपों में उपलब्ध यह मैगज़ीन एक अनूठा स्टोरीटेलिंग अनुभव तैयार करने का प्रयास करती है, जहाँ भारत की विविध दुनिया और दृष्टिकोण विचारपूर्ण संवादों और गहन कथाओं के माध्यम से एकत्रित होते हैं.

इसके पहले अंक में समकालीन भारत को आकार देने वाली कई प्रमुख हस्तियों की आवाज़ें शामिल हैं, जिनमें बॉलीवुड अभिनेता Pankaj Tripathi, केंद्रीय मंत्री Arjun Ram Meghwal, शास्त्रीय नृत्यांगना Sonal Mansingh, ओलंपिक पदक विजेता Manu Bhaker, उद्यमी राहुल गर्ग, संगीतकार फ्लिपराची और अन्य शामिल हैं. प्रामाणिकता, राष्ट्र निर्माण, संघर्ष, संस्कृति और नवाचार जैसे विषयों पर आधारित इन विचारों और अनुभवों के माध्यम से यह मैगज़ीन पाठकों को भारत की बदलती आकांक्षाओं और पहचान को समझने का अवसर प्रदान करती है.

Vividh Verse को और भी विशेष बनाती है इसकी चयनित विशिष्टता. प्रत्येक संस्करण को एक कलेक्टिबल सांस्कृतिक वस्तु के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें विशेष रूप से तैयार की गई सीमित संस्करण की फ्रेमयुक्त कलाकृति शामिल होगी. यह विचार इस मैगज़ीन को केवल पढ़ने तक सीमित नहीं रखता, बल्कि इसे सहेजने, दोबारा पढ़ने और संरक्षित करने योग्य बनाता है.

एक जनरल इंटरेस्ट मैगज़ीन के रूप में, यह स्वयं को संस्कृति, विचारों और समकालीन भारत के संगम पर स्थापित करती है. आने वाले संस्करणों में भी ऐसे विविध दृष्टिकोणों और परिवर्तनकर्ताओं की कहानियाँ शामिल की जाएँगी, जिनकी यात्राएँ मिलकर भारत के विकसित होते सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्य को दर्शाती हैं.







By Madhu Sinha

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