NASIK/RANCHI : महाराष्ट्र में श्रद्धा का नया केंद्र: नासिक के धरणगांव में देश के दूसरे कामाख्या शक्तिपीठ की प्राण-प्रतिष्ठा

NASIK/RANCHI : महाराष्ट्र में श्रद्धा का नया केंद्र: नासिक के धरणगांव में देश के दूसरे कामाख्या शक्तिपीठ की प्राण-प्रतिष्ठा 


नासिक/रांची 

 अध्यात्म और शक्ति उपासना के क्षेत्र में आज महाराष्ट्र ने एक नया इतिहास रचा है। नासिक जिले के धरणगांव में भारत के दूसरे और महाराष्ट्र के पहले कामाख्या देवी मंदिर की स्थापना की गई है। असम के गुवाहाटी स्थित मुख्य शक्तिपीठ के बाद, यह देश का दूसरा ऐसा मंदिर है जहाँ माँ कामाख्या साक्षात विराजमान हुई हैं।


7 वर्षों की साधना और जनसहयोग से बना भव्य मंदिर

इस दिव्य मंदिर के संस्थापक पंडित जगताप बाबा ने बताया कि उन्हें देवी कामाख्या ने स्वप्न में दर्शन देकर मंदिर निर्माण की प्रेरणा दी थी। इसके बाद देश-विदेश के भक्तों के सहयोग से पिछले 7 वर्षों से इस भव्य मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा था।

चमत्कारी कुंड और बिजली गिरने की अद्भुत घटना

मंदिर निर्माण से जुड़ी एक विस्मयकारी घटना साझा करते हुए पंडित जगताप बाबा ने बताया कि 3 साल पहले निर्माण कार्य के दौरान यहाँ तीन बार बिजली गिरी थी। उस समय परिसर में मजदूर काम कर रहे थे, लेकिन किसी को खरोंच तक नहीं आई। आश्चर्यजनक रूप से, बिजली गिरने वाले स्थान से जल की धारा फूट पड़ी। आज उसी स्थान पर एक चमत्कारी कुंड निर्मित है, जहाँ माता की योनि स्थापित की गई है।


इन देवी-देवताओं की भी हुई स्थापना

एक सप्ताह से चल रहे प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान कामाख्या देवी के साथ-साथ यहाँ निम्नलिखित देव विग्रहों को भी स्थापित किया गया है:

नवनाथों में से एक गुरु मच्छिंद्रनाथ की समाधि।

दस महाविद्या, शिवलिंग और गणेश मंदिर।

सप्तश्रृंगी माता और भव्य राम दरबार। 


श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएँ

मंदिर के जनसंपर्क पदाधिकारी देवीदास वैरागी ने जानकारी दी कि महोत्सव के दौरान अब तक लगभग एक लाख श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर चुके हैं। कामाख्या माता ट्रस्ट द्वारा संचालित इस मंदिर परिसर में आने वाले समय में भक्तों के लिए पार्किंग और ठहरने के लिए निवास स्थान (धर्मशाला) का निर्माण भी किया जाएगा।


धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा:

यह मंदिर शिरडी साईं बाबा मंदिर से मात्र 45 किमी और सप्तश्रृंगी मंदिर से 65 किमी की दूरी पर स्थित है। अब श्रद्धालुओं के लिए त्र्यंबकेश्वर और शिरडी के साथ-साथ कामाख्या देवी के दर्शन करना भी सुलभ हो जाएगा। पंडित जगताप बाबा अब महीने में 15 दिन असम और 15 दिन नासिक में रहकर भक्तों का मार्गदर्शन करेंगे।





By Madhu Sinha

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