New Delhi : वेदांता ने कर्मचारियों को दिया भारत का सबसे बड़ा ₹2,500 करोड़ का इक्विटी ग्रांट। ₹1 प्रति शेयर पर ESOP, 2025 में 1,200 कर्मचारियों को पहली बार मिला लाभ ।

New Delhi : वेदांता ने कर्मचारियों को दिया भारत का सबसे बड़ा ₹2,500 करोड़ का इक्विटी ग्रांट। 

₹1 प्रति शेयर पर ESOP, 2025 में 1,200 कर्मचारियों को पहली बार मिला लाभ । 

*नई दिल्ली*

भारत की अग्रणी मेटल्स, ऑयल एंड गैस, क्रिटिकल मिनरल्स, पावर एवं टेक्नोलॉजी कंपनी वेदांता लिमिटेड ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए अपने कर्मचारियों के लिए ₹2,500 करोड़ का समग्र इक्विटी ग्रांट प्रदान किया है। वर्ष 2020 के बाद से लागू एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम (ESOP) के माध्यम से यह भारत में कर्मचारियों के लिए संपत्ति सृजन की सबसे बड़ी पहलों में से एक मानी जा रही है।

वेदांता की इस अनूठी योजना के तहत कर्मचारियों को ₹1 प्रति शेयर की अत्यंत न्यूनतम कीमत पर शेयर आवंटित किए गए हैं, जो देश में अब तक का सबसे कम ESOP मूल्य है। हालिया वेस्टिंग साइकिल में कंपनी के शेयर मूल्य में लगभग 80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे अकेले ESOP 2022 वेस्टिंग के तहत कर्मचारियों के लिए ₹300 करोड़ से अधिक की संपत्ति का सृजन हुआ।

वर्ष 2025 में वेदांता ने 1,200 कर्मचारियों को पहली बार ESOP का लाभ दिया, जिनमें फ्रेशर्स और शुरुआती करियर के युवा पेशेवर भी शामिल हैं। ESOP 2025 के अंतर्गत ₹500 करोड़ से अधिक के स्टॉक विकल्प आवंटित किए गए हैं।

वेदांता का ESOP मॉडल देश के सबसे समावेशी मॉडलों में से एक है, जो प्लांट, फंक्शन और करियर स्तर पर कंपनी के लगभग 40 प्रतिशत कार्यबल को कवर करता है। कंपनी पिछले 20 वर्षों से ESOP प्रशासन में अग्रणी रही है और कर्मचारी स्वामित्व को अपनी संगठनात्मक संस्कृति का अहम हिस्सा बना चुकी है।

इस योजना के अंतर्गत फ्रेशर्स और शुरुआती करियर के कर्मचारियों को तीन वर्षों की वेस्टिंग अवधि में उनके वार्षिक वेतन के लगभग 30 प्रतिशत तक का इक्विटी लाभ मिलता है। वेदांता इस तरह उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हो गई है, जो रिकॉर्ड समय में फ्रेशर्स को ESOP प्रदान करती हैं।

ESOP के माध्यम से कर्मचारियों को मिली संपत्ति ने उनके जीवन में ठोस बदलाव लाए हैं घर खरीदना, बच्चों की उच्च शिक्षा, पहली कार, परिवार की ज़रूरतों को पूरा करना और दीर्घकालिक बचत जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्य साकार हुए हैं।

हिंदुस्तान जिंक में स्मेल्टिंग ऑपरेशंस के मैनेजर नीरज कुमार ने कहा, “जब मुझे अपने परिवार के लिए तुरंत पैसों की ज़रूरत थी, तब ESOP मेरे लिए सबसे बड़ा सहारा बना। सही समय पर इसका लाभ उठाकर मैं अपने परिवार का सपना पूरा कर सका। बहुत कम कंपनियां अपने कर्मचारियों को इस तरह संपत्ति बनाने का अवसर देती हैं।”

बालको में क्वालिटी मैनेजमेंट के एसोसिएट जीएम एस. एम. रहमान कासिम ने कहा, “ESOP की वजह से मैं अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च बिना किसी आर्थिक तनाव के उठा पाया। यह योजना हमारे जैसे कर्मचारियों के लिए भविष्य की सुरक्षा है।”

स्टरलाइट कॉपर में फाइनेंस के एसोसिएट मैनेजर नीलेश भोर ने कहा, “एक आपातकालीन स्थिति में ESOP मेरे परिवार के लिए लाइफलाइन साबित हुआ। यह सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि भरोसा है।”

वेदांता की ESOP संरचना कंपनी के प्रदर्शन से जुड़ी हुई है और ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन, एआई-आधारित नवाचार, संचालन उत्कृष्टता और स्थिरता जैसे भविष्य के क्षेत्रों में योगदान को मान्यता देती है। यह पहल वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के उस दृष्टिकोण को सशक्त करती है, जिसके तहत हर कर्मचारी को समान आर्थिक अवसर और विकास का अधिकार मिलना चाहिए।

वेदांता भारतीय मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में प्रतिपूर्ति और कर्मचारी स्वामित्व की परिभाषा को नए सिरे से गढ़ रही है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कंपनी के विकास में योगदान देने वाले कर्मचारियों को उस मूल्य का प्रत्यक्ष लाभ मिले।

*वेदांता लिमिटेड के बारे में*

वेदांता ग्रुप क्रिटिकल मिनरल्स, मेटल्स, एनर्जी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक वैश्विक अग्रणी समूह है, जिसकी मौजूदगी भारत सहित दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, लाइबेरिया, यूएई, सऊदी अरब, कोरिया, ताइवान और जापान में है। वेदांता दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक, वैश्विक स्तर पर चौथी सबसे बड़ी सिल्वर उत्पादक और एल्यूमिनियम के प्रमुख उत्पादकों में शामिल है। कंपनी 2050 या उससे पहले नेट-ज़ीरो उत्सर्जन हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।






By Madhu Sinha

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