Ranchi: झारखंड राय विश्वविद्यालय में कौटिल्य ज्ञान केंद्र का उद्घाटन
*दूसरे देश पर निर्भरता से कोई राष्ट्र महान नहीं बन सकता : अतुल कोठारी
*भारतीय भाषाओं के संरक्षण-संवर्धन में भी सहायक साबित होगा : प्रो.सविता सेंगर
रांची, झारखंड ।झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची में शुक्रवार को कौटिल्य ज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया गया। केंद्र का शुभारंभ शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल भाई कोठारी ने किया। उनके मुताबिक यह केंद्र भारतीय ज्ञान परंपरा को जीवंत रखने एवं प्रचारित-प्रसारित करने का कार्य करेगा। उद्घाटन मौके पर महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश भारद्वाज एवं झारखंड राय विश्वविद्यालय की कुलाधिपति प्रो. सविता सेंगर उपस्थित थीं।
कौटिल्य ज्ञान केंद्र के उद्घाटन मौके पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों को केंद्र की परिकल्पना, कार्य एवं दायित्व पर विचार व्यक्त करते हुए अतुल भाई कोठारी ने कहा कि किसी भी देश का विकास वहां की शिक्षा पर निर्भर करता है। देश के विकास की आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। दूसरे देशों पर निर्भर होकर कोई राष्ट्र महान नहीं बन सकता। सभी विश्वविद्यालयों को ऐसे पाठ्यक्रम बनाने चाहिए, जो छात्रों को आत्मनिर्भर बनाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य भी विद्यार्थियों का समग्र विकास एवं भारतीय ज्ञान परंपरा का हर स्तर पर समावेश है।
इस अवसर पर झारखंड राय विश्वविद्यालय की कुलाधिपति प्रो. सविता सेंगर ने प्रेस वार्ता के दौरान विस्तारपूर्वक केंद्र की स्थापना के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए बताया कि कौटिल्य ज्ञान केंद्र के मुख्य संरक्षक अतुल भाई कोठारी होंगे। केंद्र शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं अन्य विश्वविद्यालयों के सामूहिक भागीदारी के प्रयास से संचालित किया जाएगा। कौटिल्य ज्ञान केंद्र भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विभिन्न विषयों, प्राचीन कार्यों, आविष्कारों एवं व्यक्तित्वों से विद्यार्थियों को अवगत कराने , शोध कार्य एवं शोध सामग्री एकत्रित करने, पाठ्यक्रम निर्माण,नीति निर्माण, सतत विकास एवं सामाजिक प्रभाव और भारतीय भाषा विकास पर कार्य करेगा।
कुलाधिपति प्रो. सेंगर ने जानकारी के दौरान बताया किकेंद्र का अपना डिजिटल पुस्तकालय, पांडुलिपि भंडार, शोध प्रयोगशाला, उद्यम एवं सेमिनार कक्ष भी होगा।
मौके पर संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश भारद्वाज ने बताया कि केंद्र मातृ भाषा , क्षेत्रीय भाषा एवं विलुप्तप्राय भाषा संरक्षण को भी बढ़ावा देने का कार्य करेगा।
कौटिल्य ज्ञान केंद्र का उद्घाटन भारतीय परंपरा के अनुसार किया गया। उद्घाटन से पूर्व अतिथियों के द्वारा केंद्र के भवन के समीप रुद्राक्ष का पौधा लगाया गया। उद्घाटन अवसर पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के कोषाध्यक्ष सुरेश गुप्ता, अध्यक्ष झारखंड सह कुलसचिव प्रो.पीयूष रंजन, संरक्षक न्यास प्रो.रमण कुमार झा, महेंद्र कुमार सिंह उपस्थित थे।
By Madhu Sinha


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