Ranchi: जिस तरह सीएए ,एनआरसी के विरोध में 3000 आंदोलनकारियों पर राजद्रोह के मुकदमे एंव सिरम टोली से रैम्प हटाने के लिए आंदोलनकारियों पर से प्राथमिकी दर्ज को हटाया गया उसी तर्ज पर बीएसएल प्रबंधन द्वारा 500 विस्थापित अप्रेंटिसशिप आंदोलनकारियों पर दर्ज केस को हटाए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन - विजय शंकर नायक ..!!
रांची, झारखंड ।
जिस तरह सीएए ,एनआरसी के विरोध में 3000 आंदोलनकारियों पर राजद्रोह के मुकदमे एंव सिरम टोली से रैम्प हटाने के लिए आंदोलनकारियों पर से प्राथमिकी दर्ज को हटाया गया उसी तर्ज पर बीएसएल प्रबंधन द्वारा 500 विस्थापित अप्रेंटिसशिप आंदोलनकारियों पर दर्ज केस को हटाए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ।
उपरोक्त बातें आज आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केन्द्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय शंकर नायक ने आज बीएसएल प्रबंधन द्वारा बीएस थाना मे 500 आंदोलनकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने पर अपने प्रतिक्रिया मे कही ।इन्होने आगे साफ शब्दो मे कहा की बीएसएल प्रबंधन प्रशासन ने आंदोलन को दबाने के लिए जानबूझकर अतिरिक्त सख्ती की है जो शत प्रतिशत अन्याय है जहां विस्थापित युवाओं की मांग पर विचार करने के बजाय केस दर्ज करना उनकी आवाज को कुचलने जैसा है जो गंभीर विषय है और आग मे घी डालने जैसी हरकते है जिसे बर्दाश्त नही किया जाएगा ।एक तरफ बीएसएल प्रबंधन के तरफ से सीआईएसएफ और बीएसएल के जवानो ने एक विसथापित युवक को लाठी से पिट पिट कर हत्या कर देती है और दुसरी ओर 500 युवाओ के साथ आन्दोलित अप्रेंटिस संघ पर केस भी करती है जो न्यायोचित नही है । हेमन्त सोरेन सरकार इस अन्याय के प्रति थोड़ा सजग होकर संज्ञान ले और विस्थापित अप्रेंटिस रोजगार की मांग कर रहे युवाओ को न्याय देने की दिशा मे ठोस पहल करे ।
श्री नायक ने आगे कहा कि जिस तरह हेमंत सोरेन ने अपने पहले कार्यकाल (2019-2024) में जनवरी 2020 में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में धनबाद जिले में लगभग 3000 लोगों पर राजद्रोह (Sedition) के तहत दर्ज मुकदमों को हटाने का आदेश दिया। यह घोषणा उनके मुख्यमंत्री बनने के कुछ ही दिनों बाद, 8 जनवरी 2020 को लागू हुई। सोरेन ने इसे "जनता की आवाज सुनने" का कदम बताया सिरम टोली मे रैम्प हटाने के लिए आन्दोलनरत आदिवासी समाज के उपर प्राथमिकी दर्ज को हटाया था उसी तर्ज पर बीएसएल के बाहर आनदोलित अप्रेंटिस विस्थापित युवाओं पर 500 आंदोलनकारियों के खिलाफ केस को हटाने की घोषणा कर उनके साथ न्याय करे । इन्होने आशा और विश्वास जताया है कि राज्य के एक मात्र
हेमंत सोरेन ही एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने स्पष्ट रूप से आंदोलनकारियों पर दर्ज प्राथमिकी हटाने की घोषणा की और उसे लागू किया है जिससे हम उम्मीद करते है कि बीएसएल के बाहर अप्रेंटिस विस्थापित युवाओं पर 500 आंदोलनकारियों के खिलाफ केस हटा कर जरुर न्याय देने का इतिहासिक पहल करेंगें।
श्री नायक ने आगे कहा कि बीएसएल प्रबंधन विस्थापित अप्रेंटिस युवाओ पर केस कर आग से खेलने तथा जलते हुए आग मे घी डालने का कार्य कर आन्दोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है जो वर्तमान समय के लिए ठीक नही है जबकि प्रबंधन को अभी विस्थापित अप्रेंटिस युवाओ को मलहम लगाने की आवश्कता थी जो पूर्व मे आग लगी थी उसको सहृदय से बुझानी चाहिए थी मगर प्रबंधन हठधर्मी बन कर पुनः शांतिपूर्ण चलाए जा रहे आंदोलन को भड़काने का कार्य कर रही है जो आने वाले दिनो मे बीएसएल के लिए शुभ संकेत नही है ।
By Madhu Sinha

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