RANCHI#हरवर्ष की भांति इसवर्ष भी शुभ देवोत्थान एकादशी तिथि दिनांक 15.11.2021 को रांची के डोरंडा में 'देववृक्ष कल्पतरु वंदन महोत्सव सह देव दीपोत्सव' का भव्य आयोजन कल्पतरु स्थल पर 'स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान' द्वारा किया गया ।
इस अवसर पर उपस्थित सबों ने देववृक्ष कल्पतरुओं की श्रद्धा पूर्वक पूजा किया एवं मनोकामनासूत्र बांधकर अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करने हेतु प्रार्थना किया । मान्यता है कि आज देवोत्थान एकादशी तिथि को इस देववृक्ष से श्रद्धा एवं विश्वास पूर्वक जो मनोकामनाएं मांगी जाती हैं ओ निश्चित ही पूरी होती हैं । संस्थान के महासचिव शशि भूषण ओझा 'मुकुल' ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मान्यतानुसार देववृक्ष कल्पतरु समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में से एक है जो त्रिदेव के रूप में पूजित है । रांची स्थित ये तीनों वृक्ष भी सैकड़ों वर्ष पुराने हैं और वन विभाग द्वारा इनको संरक्षित भी घोषित किया गया है मगर इन वृक्षों की सुरक्षा सरकार और नगर निगम का कुछ भी ध्यान नहीं है । इन वृक्षों पर मोबाइल कम्पनियों के मोटे मोटे केबल टंगे हैं साथही इनका सुरक्षा घेरा भी टूट गया है ।
इन आस्था के केंद्र पूजनीय देववृक्षों के नीचे गंदगी चारों तरफ फैली है तथा लोगों द्वारा अतिक्रमित भी किया जारहा है । इन देववृक्षों का उचित प्रचार प्रसार करने से ये पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो सकते हैं जिनसे सरकार को न सिर्फ राजस्व की प्राप्ति होगी बल्कि कई लोगों को रोजगार भी मिलेगा । आज इस महोत्सव के माध्यम से सरकार से मांग किया जारहा है कि इनकी उचित देखरेख हो तथा इनके नीचे एक छोटा सा उद्यान का निर्माण कराया जाय । मुख्य अतिथि माननीय पूर्व सांसद सह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष झारखण्ड भाजपा प्रो. श्री यदुनाथ पांडेय जी ने कहा कि यह वृक्ष साक्षात देव तुल्य है तथा यह अत्यंत दुर्लभ है । इसका पूर्ण संरक्षण और देखभाल सरकार को करनी चाहिए । उन्होंने संस्थान के प्रयास की सराहना किया ।
आजके इस 'देववृक्ष कल्पतरु वंदन महोत्सव सह देव दीपोत्सव' कार्यक्रम में शशि भूषण ओझा 'मुकुल', पं. श्याम बिहारी ओझा, नलिनी शर्मा, पंकज सिंह,आलोक कुमार,आनंद राज, सुनील कुमार पांडेय, प्रशांत कुमार, किशोर कुमार चौबे, प्रणव कुमार, तबरेज आदि कई पर्यावरण प्रहरी उपस्थित रहे । सधन्यवाद ।
By Madhu Sinha
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