GORAKHPUR,UP# हज़रत शैख़ अब्दुल क़ादिर जीलानी को शिद्दत से किया याद।
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
ग़ौसे आज़म हज़रत सैयदना शैख़ अब्दुल क़ादिर जिलानी अलैहिर्रहमां का उर्स-ए-मुबारक ग्यारहवीं शरीफ़ के रूप में अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। मस्जिद, घरों व दरगाहों में क़ुरआन ख़्वानी, फातिहा ख़्वानी व दुआ ख़्वानी हुई। जगह-जगह जश्न-ए-ग़ौसुलवरा का आयोजन हुआ।
सुबह फज्र की नमाज़ के बाद कुरआन ख़्वानी व फातिहा ख़्वानी का सिलसिला शुरू हुआ जो पूरे दिन चलता रहा। उलमा-ए-किराम ने हज़रत शैख़ अब्दुल क़ादिर जीलानी अलैहिर्रहमां की ज़िंदगी पर रोशनी डाली। कई जगह लंगर-ए-ग़ौसिया भी बांटा गया। अस्करगंज में जलसा-ए-ग़ौसुलवरा हुआ। जिसमें कारी शराफ़त हुसैन क़ादरी ने कहा कि पैग़ंबर-ए-आज़म हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम व ग़ौसे आज़म ने इंसानियत को सच्चे रास्ते पर चलने की तालीम दी।
अल्लाह के महबूब पैग़ंबर हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम व ग़ौसे आज़म ने दुनिया को तौहीद, अमन और शांति का रास्ता दिखाया। अंत में सलातो सलाम पढ़कर लंगर-ए-ग़ौसिया बांटा गया। जलसे में कारी नसीमुल्लाह, मास्टर तौफीक खान, जीशान अली, फ़ैजान अली, महमूद अहमद, सरफराज़ अहमद, रईस अहमद, वसीम अहमद आदि ने शिरकत की। सुब्हानिया जामा मस्जिद तकिया कवलदह के पास क़ुरआन ख़्वानी फातिहा ख़्वानी व दुआ ख़्वानी हुई। सैकड़ों अकीदतमंदों को लंगर-ए-ग़ौसिया खिलाया गया। जिसमें महताब आलम, सैयद नदीम अहमद, सैयद हुसैन अहमद, इसहाक खान, शहजादे खान, अफ़ज़ल खान, कारी मोहम्मद अनस रज़वी, सद्दाम हुसैन, अमीरुद्दीन, सफ़र आदि शामिल रहे। नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में कुल शरीफ की रस्म अदा कर लंगर-ए-ग़ौसिया बांटा गया।
इस मौके पर मौलाना मोहम्मद असलम रज़वी, शाबान अहमद, अलाउद्दीन निज़ामी, मनोव्वर अहमद, तौहीद अहमद, शुएब अहमद आदि मौजूद रहे। सुन्नत कमेटी शाह मारूफ के सदस्यों ने दरगाह हज़रत मुबारक खां शहीद नार्मल में फातिहा ख़्वानी कर फल बांटा।
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By Madhu Sinha
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