LATEHAR :*दोहरे हत्या के आरोपी को उम्र कैद एवं छह लाख रुपए जुर्माना*
*अपर जिला जज द्वितीय संजय कुमार दुबे की अदालत ने सुनाया फैसला*
*मनिका के माइल सेमर हट नरबलि का मामला वर्ष 2019 में चर्चित रहा था*
लातेहार, झारखंड ।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय कुमार दुबे की अदालत ने दोहरे नरबलि मामले में आज अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। श्री दुबे ने शुक्रवार को खचाखच भरी अदालत में इस निर्मम हत्या के आरोपी सुनील उरांव पिता रावण उरांव ग्राम माइल सेमर हट को अधिकतम सश्रम उम्र कैद एवं 6 लाख रुपए जुर्माना की सजा सुनाया है। अपर जिला लोक अभियोजक शिव शंकर राम के अनुसार अदालत में कुल 10 गवाहों को पेश किया गया था। अधिकांश गवाहों ने इस निर्मम हत्या में शामिल सुनील उरांव की संलिप्तता की बात कही थी। गवाह बिहारी उरांव ने अदालत में कहा कि उसकी बेटी शीला कुमारी मोबाइल फोन चार्ज करने सुनील उरांव के घर जा रही है बोलकर घर से निकली थी।मालूम हो सत्रवाद 183/2019 के तहत मामले की सुनवाई श्री दुबे की अदालत में चल रही थी।सूचक वीरेंद्र उरांव ने मनिका थाना में प्राथमिकी मनिका थाना कांड संख्या 26/2019 दिनांक 11 जुलाई 2019 दर्ज कराया था। दो दिनों से लापता दो बच्चों निर्मल उरांव एवं शीला कुमारी का शव सुनील उरांव के घर के आंगन में बालू में छुपाया हुआ मिला था। सूचक वीरेंद्र उरांव किसी काम से सुनील उरांव के घर गया था उस समय सुनील उरांव अपने आंगन में स्नान कर रहा था। उसके घर में खून की बूंदे देखकर वीरेंद्र उरांव ने उससे पूछा तो उसने कहा कि मुर्गा की बलि देवता में दिया हूं उसी का खून है। तभी सूचक की निगाह उसके आंगन में रखी हुई बालू की ढेर तरफ गई जहां एक मानव का हाथ की उंगलियां दिख दे रही थी। वह वहां से किसी तरह निकल कर गांव में लोगों को बताया तो ग्रामीण काफी संख्या में लापता बच्चे निर्मल उरांव और शीला कुमारी के परिजनो को लेकर वहां पहुंच गए। आरोपी से जब ग्रामीण पूछताछ करने लगे तो वह अपने को निर्दोष बताते हुए कहने लगा कि वह मुर्गा की बलि देवता में दिया है। जब ग्रामीण उग्र हो बालू को हटाया तो दो मासूमों की सिरकटी लाश बालू की ढेर में पाया गया।दोनों सिरकटी लाश मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। लोगों ने पुलिस को जानकारी दे दिया पुलिस को आने के बाद आरोपी ने शीला कुमारी का सिर अपने घर के बाहर स्थित देव स्थल के पास गाड़ने की बात कही जिसे पुलिस ने जमीन खोदकर बरामद किया, उसके निशानदेही पर निर्मल उरांव का सिर लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के एक स्थान से पुलिस ने बरामद किया। नरबलि का यह मामला वर्ष 2019 का सबसे चर्चित मामला रहा था। पुलिस ने आरोपी से जब पूछताछ किया तो उसने बताया कि अच्छी फसल होने एवं घर में कोई अनहोनी नहीं होने के लिए वह अपने देवता की पूजा करता है। देवता की इच्छा पर उसने इन दोनों नाबालिकों की सिर काटकर देवता पर चढ़ाया था और लाश को छुपाने का प्रयास किया था। उक्त मामले में अभियोजन पदाधिकारी शिव शंकर राम ने अदालत में कुल 10 गवाहों को पेश किया। पुलिस ने जांच पड़ताल पूर्ण कर आरोप पत्र 5 अक्टूबर 2019 को अदालत में समर्पित किया था। आरोपी के विरुद्ध आरोप गठन 9 जुलाई 2020 को किया गया था। विचारण के उपरांत अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए फैसला सुरक्षित रखा था। जज श्री दुबे ने शुक्रवार को खुली अदालत में आरोपी को भादवि की धारा 302 के तहत उम्र कैद एवं छह लाख रुपए का जुर्माना और जुर्माना नहीं देने की स्थिति में अतिरिक्त 3 वर्षों का साधारण कारावास तथा शव छुपाने के लिए भादवि की धारा 201 के तहत 7 वर्षों का साधारण कारावास एवं तीन लाख रुपए का जुर्माना और जुर्माना नहीं दिए जाने की स्थिति में 1 वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा सुनाया है । अदालत का फैसला आते ही अदालत कक्ष में ही उपस्थित पीड़ितों के परिजनों के खुशी के आंसू छलकने लगे उन्होंने कहा कि वर्षों के विचारण के उपरांत उन्हें आज न्याय मिली है।
Report By Rahul Kumar (Latehar, Jharkhand)
By Madhu Sinha

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